- प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 2023
- प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण नियम 2024
- प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्न
1. अधिनियम का आधिकारिक नाम क्या है और यह किस तारीख से प्रवृत्त हुआ?
इस अधिनियम को आधिकारिक रूप से प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2023 के नाम से जाना जाता है। यह 01 मार्च, 2024 से प्रवृत्त हुआ।
2. यह अधिनियम कहॉं लागू होता है ?
यह अधिनियम संपूर्ण भारत देश में लागू होता है।
3. इस अधिनियम के लिए माननीय राष्ट्रपति की सहमति कब प्राप्त हुई और यह अधिनियम राजपत्र में कब अधिसूचित किया गया।
इस अधिनियम के लिए माननीय राष्ट्रपति की सहमति 28 दिसंबर, 2023 को प्राप्त हुई और इसे राजपत्र में 29 दिसंबर, 2023 को अधिसूचित किया गया।
4. अधिनियम में “अधिसूचना” शब्द का क्या महत्त्व है ?
इस अधिनियम के संदर्भ में, "अधिसूचना" से अभिप्राय ऐसी अधिसूचना से है जो भारत के राजपत्र या किसी राज्य के राजपत्र में प्रकाशित की गई हो। "अधिसूचित करना" तथा उसके व्याकरणिक रूपांतर और समजात अभिव्यक्तियों का अर्थ भी इसी के अनुरूप समझा जाएगा।
5. इस अधिनियम के अनुसार, “प्रेस महापंजीयक” कौन होते हैं ?
“प्रेस महापंजीयक से अभिप्राय उस अधिकारी से है जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा धारा 5 की उपधारा (1) के अंतर्गत नियुक्त किया गया हो।
6. इस अधिनियम में “समाचार पत्र” का क्या आशय है ?
इस अधिनियम के “समाचार पत्र” से नियतकालिक पत्रिका के खुली तह किए हुए पन्ने अभिप्रेत हैं, जिनको प्राय: अखबारी कागज पर दैनिक या कम से कम सप्ताह में एक बार मुद्रित किया जाता है, जिनमें वर्तमान घटनाक्रम, लोक समाचार या लोक समाचारों पर टिप्पणियां अंतर्विष्ट होती हैं ।
7. अधिनियम के अनुसार "नियतकालिक पत्रिका" (Periodical) की परिभाषा क्या है?
“नियतकालिक पत्रिका” से कोई प्रकाशन अभिप्रेत है, जिसके अंतर्गत समाचार पत्र है, जिसका प्रकाशन और मुद्रण नियमित अंतरालों पर किया जाता है, जिसमें लोक समाचार या लोक समाचारों पर टिप्पणियां अंतर्विष्ट होती हैं, किंतु इसके अंतर्गत कोई पुस्तक या पत्र, जिसमें वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षिक प्रकृति की पुस्तक या पत्र भी सम्मिलित हैं, नहीं आती है।
8. अधिनियम में "प्रकाशन" शब्द का क्या अभिप्राय है?
“प्रकाशन” से आवधिक रूप से मुद्रित और भारत में प्रकाशित समाचार पत्र, पत्रिकाएं, पत्र या संवाद-पत्र अभिप्रेत हैं और इसके अंतर्गत लोक वितरण या पहुंच के लिए इलैक्ट्रानिकी रूप में उसका पुनरुद्धारण या कोई प्रकाशन संघ, प्रतिकृति संस्करण सम्मिलित है।
9. अधिनियम के अंतर्गत "प्रतिकृति संस्करण" क्या है?
किसी प्रकाशन के “प्रतिकृति संस्करण” से विदेशी प्रकाशन के मूल संस्करण का अंग्रेजी या संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित किसी भारतीय भाषा में सटीक पुन: प्रकाशन अभिप्रेत है।
10. अधिनियम के अनुसार "जर्नल" (Journal) की परिभाषा क्या है?
“जर्नल” से किसी पत्रिका से भिन्न आवधिक प्रकाशन अभिप्रेत है, जिसमें मुख्यतया किसी विशिष्ट विषय या वृत्ति से संबंधित शैक्षिक, वैज्ञानिक या तकनीकी अंतर्वस्तु होती है।
1. प्रेस और नियतकालिक पत्रिका नियम, 2024 में ‘अधिनियम’शब्द का क्या अभिप्राय है?
इस नियमावली में ‘अधिनियम’ से प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2023 अभिप्रेत है।
2. इस नियमावली के अनुसार ‘मंत्रालय’से क्या अभिप्राय है?
इस नियमावाली में ‘मंत्रालय’ का अभिप्राय ‘भारत सरकार का सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय’ से है।
3. इस नियमावली के संदर्भ में ‘प्रेस सेवा पोर्टल’ का क्या अभिप्राय है?
‘प्रेस सेवा पोर्टल’ (www.presssewa.prgi.gov.in) वह ऑनलाइन पोर्टल है, जिसे आवेदनों, सूचनाओं तथा दस्तावेजों की प्राप्ति के लिए प्रेस महापंजीयक द्वारा इस अधिनियम के अंतर्गत तैयार किया गया है। पोर्टल पर—नियतकालिक पत्रिका के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र का प्रारूप; नियतकालिक पत्रिका द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले वार्षिक विवरण; शीर्षक आवंटन संबंधी दिशानिर्देश तथा अधिनियम/नियमों से संबंधित अन्य जानकारी- के बारे में अनुदेश दिए गए हैं।
4. ‘भारत कोष’ भारत सरकार की ऑनलाइन सेवा प्रणाली (खिड़की) है, जिसके माध्यम से आवेदक शुल्क, शास्ति अथवा अन्य धनराशि सरकारी खाते में जमा कर सकते हैं।
‘प्रेस सेवा पोर्टल’ विभिन्न आवेदनों एवं दस्तावेजों की प्रोसेसिंग करता है जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं—
- मुद्रक द्वारा उसकी नियतकालिक पत्रिका के संबंध में सूचना;
- विदेशी नियतकालिक पत्रिका के प्रतिरूप संस्करण का रजिस्ट्रीकरण;
- नियतकालिक पत्रिका के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु प्रकाशक द्वारा आवेदन-पत्र;
- रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र में संशोधन हेतु आवेदन-पत्र;
- रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र के स्वामित्व हस्तांतरण हेतु आवेदन-पत्र;
- नियतकालिक पत्रिका के रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र का प्रारूप;
- नियतकालिक पत्रिका के प्रकाशक द्वारा वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने का प्रारूप;
- शीर्षक आवंटन के लिए दिशानिर्देश;
- नियतकालिक पत्रिका की प्रसार सत्यापन हेतु डेस्क ऑडिट की प्रक्रिया।
5. इस नियमावली के संदर्भ में ‘भारत कोष’का क्या महत्व है?
‘भारत कोष’ भारत सरकार की ऑनलाइन सेवा खिड़की है, जिसके माध्यम से आवेदक शुल्क, शास्ति अथवा अन्य धनराशि सरकारी खाते में जमा कर सकते हैं।
6. इस नियमावली में ‘वित्तीय वर्ष’ को किस प्रकार परिभाषित किया गया है?
इस नियमावाली में ‘वित्तीय वर्ष’ से अभिप्राय उस अवधि से है, जो किसी वर्ष की 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर अगले वर्ष की 31 मार्च को समाप्त होती है।
7. इस नियमावली में ‘राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली’ का क्या अभिप्राय है?
‘राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली’ (एनएसडब्ल्यूएस) केंद्र सरकार का डिजिटल मंच (https://www.nsws.gov.in) है, जो व्यक्तियों को विभिन्न अनुमोदनों, अनुज्ञाओं तथा रजिस्ट्रीकरणों की पहचान करने और उनके लिए आवेदन करने संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करता है।
8. इस नियमावली में ‘प्रपत्रों’ के संदर्भों की व्याख्या किस प्रकार की जाएगी?
इन नियमों में ‘प्रपत्रों’ के सभी संदर्भों को प्रेस सेवा पोर्टल में विनिर्दिष्ट प्रपत्रों के संदर्भ के रूप में समझा जाएगा।
9. प्रेस और नियतकालिक पत्रिका नियम, 2024 के संदर्भ में किसी मुद्रक द्वारा कौन-सी प्रक्रिया अपनाई जानी है?
किसी नियतकालिक पत्रिका का मुद्रक, नियतकालिक पत्रिका के मुद्रणालय के प्रारंभ होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर, प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रेस महापंजीयक तथा उस विनिर्दिष्ट प्राधिकारी, जिसके क्षेत्राधिकार में उक्त मुद्रणालय स्थित है, को सूचना प्रेषित करेगा। उस सूचना में प्रेस सेवा पोर्टल पर विनिर्दिष्ट विवरण तथा दस्तावेज शामिल होंगे।
यदि सूचना में उल्लिखित विवरणों में कोई परिवर्तन हो तो मुद्रक को क्या करना चाहिए?
यदि सूचना प्रस्तुत किए जाने के पश्चात उसमें उल्लिखित विवरणों में कोई परिवर्तन होता है, तो मुद्रक प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रेस महापंजीयक तथा संबंधित विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को ऐसे परिवर्तनों की सूचना देगा।
10. यदि विवरणों में परिवर्तन के कारण मुद्रणालय का स्थान किसी अन्य विनिर्दिष्ट प्राधिकारी के क्षेत्राधिकार में आ जाए, तो मुद्रक को क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में, जब विवरणों में परिवर्तन के परिणामस्वरूप मुद्रणालय का स्थान किसी अन्य विनिर्दिष्ट प्राधिकारी की स्थानीय क्षेत्राधिकार मे आ जाता है, तब मुद्रक प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रेस महापंजीयक तथा नवीन विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को ऑनलाइन नई सूचना प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त, मुद्रक उस विनिर्दिष्ट प्राधिकारी को भी उक्त परिवर्तन के संबंध में सूचित करेगा, जिसे मूल सूचना प्रेषित की गई थी।
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