“प्रकाशित” से किसी कार्य की प्रतियों को जारी करके या जारी करना कारित करके या किसी अन्य रीति में, चाहे किसी मूल्य पर या बिना किसी प्रभार के, लोगों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अभिप्रेत है और शब्द, “प्रकाशन” का अर्थ इसी के अनुरूप समझा जाएगा।

“प्रकाशक” से किसी नियतकालिक पत्रिका को प्रकाशित करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति अभिप्रेत है।

“मुद्रक” से किसी मुद्रण प्रेस का स्वामी या कीपर अभिप्रेत है।

कीपर" वह व्यक्ति है जो किसी मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) के दैनिक कार्यों का प्रबंधन करता है, तथा जिसका स्वामी कोई गैर-व्यक्तिगत इकाई, जैसे कि कोई कंपनी, हो।

"मुद्रण" का अर्थ किसी भी ऐसी प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसी आवधिक प्रकाशन की प्रतियों का बड़े पैमाने पर पुनरुत्पादन करना है, जिसमें प्रतियों का सामूहिक उत्पादन शामिल हो, परंतु इसमें फोटोकॉपी शामिल नहीं है।

"स्वामी " वह व्यक्ति, फर्म या कोई अन्य विधिक इकाई है, जिसके स्वामित्व में कोई आवधिक प्रकाशन (Periodical) हो।

“रजिस्टर” से धारा 5 की उपधारा (3) के खंड (ख) के अधीन रखा गया नियतकालिक पत्रिकाओं का रजिस्टर अभिप्रेत है।

विनिर्दिष्ट प्राधिकारी” से जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर या ऐसा अन्य अधिकारी अभिप्रेत है, जिसे अधिसूचना द्वारा राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन विनिर्दिष्ट करे।

किसी नियतकालिक पत्रिका के संबंध में “नाम” से प्रेस महारजिस्ट्रार द्वारा यथा सत्यापित ऐसी नियतकालिक पत्रिका का नाम अभिप्रेत है, जो कि प्रमुख और सुपाठ्य रूप से मुख्य शीर्षक के रूप में उस नियतकालिक पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रित किया जाएगा, जिसके द्वारा वह जानी या पहचानी जाएगी।

कोई भी प्रकाशक जो नियतकालिक पत्रिका प्रारंभ करना चाहता है, उसे प्रेस सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ विनिर्दिष्ट दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है तथा ₹1,000 (एक हजार रुपये) का प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित भुगतान माध्यमों के द्वारा भारत कोष में जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त, आवेदन करते समय प्रेस महारजिस्ट्रार द्वारा जारी ‘शीर्षक आवंटन’ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।

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