मुद्रक/मुद्रणालय द्वारा सूचना देना
पीआरपी अधिनियम की धारा 3 के अनुसार, किसी आवधिक प्रकाशन के प्रकाशन के लिए मुद्रणालय शुरू करने के तीस दिनों के भीतर, मुद्रक को प्रेस सेवा पोर्टल पर सूचना देनी होगी। पोर्टल पर निर्दिष्ट विवरण और दस्तावेज इसके साथ भेजे जाने होंगे तथा इन्हें प्रेस रजिस्ट्रार जनरल और उस निर्दिष्ट प्राधिकारी को भी भेजना होगा, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुद्रणालय स्थित है।
(2) उप-नियम (1) के अंतर्गत सूचना भेजने के बाद, यदि प्रारंभिक सूचना में उल्लिखित विवरण में कोई परिवर्तन होता है, तो मुद्रक प्रेस रजिस्ट्रार जनरल और निर्दिष्ट प्राधिकारी को इसकी सूचना देगा।
(3) यदि मुद्रणालय के स्थान में ऐसा परिवर्तन होता है, जिसके कारण वह किसी अन्य निर्दिष्ट प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आ जाता है, तो मुद्रक प्रेस रजिस्ट्रार जनरल और नए निर्दिष्ट प्राधिकारी को नई सूचना भेजेगा। मुद्रक मूल निर्दिष्ट प्राधिकारी को भी इसकी सूचना देगा। यह पूरी प्रक्रिया प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी।
किसी आवधिक प्रकाशन के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करना
कोई प्रकाशक, जो किसी आवधिक प्रकाशन को शुरू करना चाहता है, उसे प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ पोर्टल पर निर्दिष्ट दस्तावेज और एक हजार रुपये का शुल्क भारत कोष के माध्यम से, पोर्टल पर निर्दिष्ट किसी भी भुगतान विधि द्वारा जमा करना होगा तथा प्रेस रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी शीर्षक आवंटन संबंधी दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
प्रस्तुत आवेदन को पोर्टल द्वारा उस निर्दिष्ट प्राधिकारी को अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा, जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में आवधिक प्रकाशन प्रस्तावित है।
यदि प्रकाशक आवेदन में कोई सुधार करना, त्रुटियां दूर करना या छूटी हुई जानकारी भरना चाहता है, तो वह उप-नियम (1) के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत करने के पांच दिनों के भीतर ऐसा कर सकता है।
आवेदन के सत्यापन के दौरान यदि प्रेस रजिस्ट्रार जनरल को कोई कमी पाई जाती है, तो वह आवेदन प्राप्त होने के सात कार्य दिवसों के भीतर तथा उप-नियम (4) में निर्दिष्ट अतिरिक्त समय के भीतर, प्रकाशक को कमियों का उल्लेख करते हुए ऑनलाइन सूचना जारी करेगा।
प्रकाशक को उप-नियम (5) में उल्लिखित सूचना प्राप्त होने के तीस दिनों से अधिक की अवधि के भीतर प्रेस सेवा पोर्टल पर सभी आवश्यक विवरण और जानकारी प्रस्तुत करके सभी कमियों को दूर करना होगा। निर्धारित तीस दिनों की अवधि के भीतर ऐसा न करने पर प्रेस रजिस्ट्रार जनरल द्वारा आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आवेदन का सत्यापन करने के बाद, शीर्षक की स्वीकार्यता संबंधी दिशानिर्देशों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए तथा प्रेस सेवा पोर्टल पर निर्दिष्ट प्राधिकारी से प्राप्त टिप्पणियों, यदि कोई हों, पर विचार करने के पश्चात और यदि वह इस बात से संतुष्ट है कि कमी दूर कर दी गई है, तो पोर्टल पर निर्दिष्ट प्रारूप में प्रकाशक को पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करेगा।
यदि आवेदन में कमी बनी रहती है या प्रकाशक द्वारा निर्धारित समय के भीतर कमियों को दूर नहीं किया जाता है, तो प्रेस रजिस्ट्रार जनरल प्रकाशक को ऑनलाइन सूचना जारी करेगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि पंजीकरण क्यों प्रदान नहीं किया जा सकता। प्रकाशक को प्रेस सेवा पोर्टल पर अपना उत्तर प्रस्तुत करने के लिए दस दिनों का समय दिया जाएगा।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल, उप-नियम (7) के खंड (ख) के अंतर्गत प्रकाशक द्वारा प्रस्तुत लिखित उत्तर पर विचार करने के पश्चात, आवधिक प्रकाशन का पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने या उसे प्रदान करने से इनकार करने का निर्णय ले सकता है:
पंजीकरण विवरण में संशोधन
यदि प्रकाशक को जारी किए गए पंजीकरण प्रमाण-पत्र के विवरण में किसी संशोधन की आवश्यकता होती है, तो प्रकाशक प्रेस सेवा पोर्टल पर निर्दिष्ट दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकता है। पोर्टल पर निर्दिष्ट किसी भी भुगतान माध्यम से भारत कोष के माध्यम से एक हजार रुपये/रु. 1000 का शुल्क जमा करना होगा।
प्रकाशक द्वारा पंजीकरण प्रमाण-पत्र में संशोधन के लिए प्रस्तुत आवेदन में निम्नलिखित परिवर्तन शामिल हो सकते हैं:
- आवधिक प्रकाशन की भाषा;
- आवधिक प्रकाशन का शीर्षक;
- संपादक;
- आवधिक प्रकाशन का मुद्रणालय;
- राज्य या संघ राज्य क्षेत्र के भीतर प्रकाशन का स्थान;
- आवधिक प्रकाशन की आवधिकता।
यदि आवेदन के सत्यापन के दौरान प्रकाशन के स्थान में परिवर्तन के कारण निर्दिष्ट प्राधिकारी में परिवर्तन पाया जाता है, तो नए प्रकाशन स्थल के अधिकार क्षेत्र वाले निर्दिष्ट प्राधिकारी की टिप्पणियां साठ दिनों की अवधि में प्राप्त की जाएंगी। आवेदन में दिए गए सभी विवरणों की शुद्धता से संतुष्ट होने पर, रजिस्ट्रार निर्दिष्ट प्राधिकारी की टिप्पणियां प्राप्त होने के बाद अधिमानतः पंद्रह कार्य दिवसों के भीतर आवधिक प्रकाशन के संबंध में संशोधित पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करेगा और उसकी एक प्रति निर्दिष्ट प्राधिकारी को भेजेगा।
आवधिक प्रकाशन के स्वामित्व का हस्तांतरण
जहां किसी आवधिक प्रकाशन, जिसके संबंध में पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है, का स्वामी उस आवधिक प्रकाशन का स्वामित्व किसी अन्य व्यक्ति या संस्था को हस्तांतरित करना चाहता है, वहां हस्तांतरिती व्यक्ति या संस्था प्रेस सेवा पोर्टल पर निर्दिष्ट दस्तावेजों के साथ प्रेस रजिस्ट्रार जनरल को आवेदन करके आवधिक प्रकाशन के स्वामित्व में परिवर्तन के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए एक हजार रुपये का शुल्क भारत कोष के माध्यम से, पोर्टल पर निर्दिष्ट किसी भी भुगतान विधि द्वारा जमा करना होगा।
उप-नियम (1) के अंतर्गत किया गया आवेदन नए व्यक्ति द्वारा उस निर्दिष्ट प्राधिकारी को भी भेजा जाएगा, जिसके स्थानीय अधिकार क्षेत्र में हस्तांतरिती का मुख्य व्यवसाय स्थल स्थित है। यह आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्दिष्ट प्राधिकारी को ऑनलाइन भेजा जाएगा।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आवेदन का सत्यापन करेगा और आवेदन प्राप्त होने की तारीख से साठ दिनों की अवधि के भीतर नए निर्दिष्ट प्राधिकारी की टिप्पणियां प्राप्त करेगा तथा आवेदन की शुद्धता से संतुष्ट होने के बाद आवधिक प्रकाशन के स्वामित्व में परिवर्तन की अनुमति प्रदान करेगा।
यदि निर्दिष्ट प्राधिकारी की टिप्पणियों और अन्य कारकों पर विचार करने के बाद प्रेस रजिस्ट्रार जनरल की राय में स्वामित्व परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, तो वह स्वामी को ऑनलाइन सूचना जारी करेगा, जिसमें स्वामित्व परिवर्तन की अनुमति न दिए जाने के कारण बताए जाएंगे और स्वामी को लिखित उत्तर प्रस्तुत करने के लिए दस दिनों का समय दिया जाएगा।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल, स्वामी द्वारा प्रस्तुत लिखित उत्तर पर विचार करने के बाद, आवधिक प्रकाशन के स्वामित्व में परिवर्तन की अनुमति दे सकता है या अनुमति देने से इनकार कर सकता है:
जहां हस्तांतरण के लिए आवेदन केवल आवधिक प्रकाशन के स्वामित्व में परिवर्तन तक सीमित है, वहां प्रेस रजिस्ट्रार संशोधित पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करेगा। हालांकि, यदि स्वामित्व परिवर्तन में आवधिक प्रकाशन के किसी अन्य विवरण में भी परिवर्तन शामिल है, तो प्रकाशक या नया प्रकाशक, जैसा भी मामला हो, स्वामित्व परिवर्तन की अनुमति प्राप्त होने की तारीख से तीस दिनों के भीतर नियम 5 में निर्धारित तरीके से पंजीकरण प्रदान करने के लिए आवेदन करेगा।
आवधिक प्रकाशन का बंद किया जाना
जब किसी आवधिक प्रकाशन का वह स्वामी, जिसे पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया है, प्रकाशन को बंद करने का निर्णय लेता है, तो उसे प्रकाशन बंद किए जाने के छह महीने के भीतर प्रेस सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन सूचना देनी होगी।
आवधिक प्रकाशनों की प्रतियां उपलब्ध कराना
प्रकाशक को समाचार-पत्र के प्रकाशन के अड़तालीस घंटे के भीतर समाचार-पत्र का इलेक्ट्रॉनिक संस्करण प्रेस सेवा पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
प्रकाशक को समाचार-पत्र की भौतिक प्रति उस राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में स्थित प्रेस सूचना ब्यूरो के कार्यालय में भी उपलब्ध करानी होगी, जहां समाचार-पत्र प्रकाशित हो रहा है। यह प्रति प्रत्येक माह की पांचवीं तारीख तक पिछले माह के दौरान प्रकाशित समाचार-पत्र के सभी दिनों के लिए उपलब्ध करानी होगी।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में प्रकाशित होने वाले आवधिक प्रकाशनों की प्रतियां नई दिल्ली स्थित प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय में उपलब्ध करानी होंगी।
उपर्युक्त प्रावधानों के अनुपालन को यह निर्धारित करने के लिए ध्यान में रखा जाएगा कि कोई समाचार-पत्र नियमित रूप से प्रकाशित हो रहा है या नहीं।
वार्षिक विवरण
सभी पंजीकृत प्रकाशनों को पिछले वित्तीय वर्ष के संबंध में प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की 31 मई तक प्रेस सेवा पोर्टल पर वार्षिक विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक है।
पीआरपी अधिनियम/नियमों में निर्दिष्ट समय-सीमा के भीतर वार्षिक विवरण प्रस्तुत न करने पर किसी प्रकाशन पर दंड लगाया जा सकता है।
प्रसार संख्या का सत्यापन
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल, प्रेस और आवधिक प्रकाशन नियम, 2024 के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों और वर्गों के आवधिक प्रकाशनों की प्रसार संख्या का सत्यापन कर सकता है:
- ऐसा दैनिक समाचार-पत्र, जिसकी औसत प्रसार संख्या प्रतिदिन पच्चीस हजार प्रतियां या उससे अधिक है, जैसा कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में समाचार-पत्र द्वारा प्रस्तुत वार्षिक विवरण में बताया गया है, और जो केंद्र सरकार के विज्ञापन प्राप्त करने के उद्देश्य से केंद्रीय संचार ब्यूरो के साथ सूचीबद्ध है;
- ऐसा दैनिक समाचार-पत्र, जिसकी औसत प्रसार संख्या प्रतिदिन पच्चीस हजार प्रतियां या उससे अधिक है, जैसा कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में समाचार-पत्र द्वारा प्रस्तुत वार्षिक विवरण में बताया गया है, और जो केंद्र सरकार के विज्ञापन प्राप्त करने के उद्देश्य से केंद्रीय संचार ब्यूरो के साथ सूचीबद्ध होना चाहता है; और
- कोई अन्य आवधिक प्रकाशन, जिसके संबंध में प्रेस रजिस्ट्रार जनरल की राय में, लिखित रूप में कारण दर्ज करने के बाद, प्राप्त किसी सूचना, संदर्भ या शिकायत के आधार पर ऐसे सत्यापन की आवश्यकता हो।
किसी आवधिक प्रकाशन की प्रसार संख्या के सत्यापन के उद्देश्य से, प्रेस रजिस्ट्रार जनरल या उनके द्वारा अधिकृत केंद्र सरकार का कोई अधिकारी, नवीनतम वार्षिक विवरण में प्रकाशक द्वारा प्रस्तुत जानकारी का प्रेस सेवा पोर्टल में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डेस्क ऑडिट कर सकता है और प्रसार संख्या निर्धारित कर सकता है।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आवधिक प्रकाशन की प्रसार संख्या का सत्यापन प्रकाशक के व्यावसायिक परिसर और मुद्रणालय में दस्तावेजों तथा अन्य संबंधित जानकारी और अभिलेखों के भौतिक निरीक्षण के माध्यम से भी कर सकता है।
विदेशी आवधिक प्रकाशन का प्रतिकृति संस्करण
“प्रतिकृति संस्करण” से आशय किसी विदेशी प्रकाशन के मूल संस्करण की हूबहू पुनरुत्पत्ति से है, जो अंग्रेजी या संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भारतीय भाषा में हो।
कोई भी संस्था जो भारत में किसी विदेशी आवधिक प्रकाशन का प्रतिकृति संस्करण प्रकाशित करना चाहती है, उसे केंद्र सरकार से ऐसे प्रकाशन की अनुमति प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ उस प्रणाली पर उपलब्ध दिशानिर्देशों के अनुसार सभी निर्दिष्ट विवरण, दस्तावेज और शुल्क प्रस्तुत करना होगा। (2) केंद्र सरकार, आवश्यक समझी जाने वाली अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने के बाद, ऐसे प्रकाशन के लिए संस्था को अपनी निर्धारित शर्तों और नियमों के अधीन अनुमति प्रदान करेगी और राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर इसकी सूचना देगी।
यदि केंद्र सरकार की राय में अनुमति प्रदान नहीं की जा सकती है, तो वह लिखित आदेश द्वारा अनुमति देने से इनकार करने का निर्णय और उसके कारण संस्था को सूचित करेगी तथा राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर इसकी सूचना देगी।
संस्था को उप-नियम (2) के अंतर्गत अनुमति प्रदान किए जाने के पंद्रह दिनों के भीतर भारत में प्रतिकृति संस्करण के प्रकाशन के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष प्रेस सेवा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ प्रेस सेवा पोर्टल पर निर्दिष्ट दस्तावेज और दस हजार रुपये का शुल्क भारत कोष के माध्यम से, किसी भी निर्धारित भुगतान विधि द्वारा जमा करना होगा।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आवेदन का सत्यापन करेगा और आवेदन की शुद्धता तथा संस्था से प्राप्त अतिरिक्त जानकारी, यदि कोई हो, से संतुष्ट होने के बाद और केंद्र सरकार की टिप्पणियों, यदि कोई हों, पर विचार करते हुए भारत में विदेशी आवधिक प्रकाशन के प्रतिकृति संस्करण के प्रकाशन के लिए संस्था को पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करेगा।
संस्था को पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने के बाद ही भारत में प्रतिकृति संस्करण का प्रकाशन शुरू करना होगा। यदि संस्था ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने से पहले प्रकाशन शुरू कर दिया है, तो प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऐसी संस्था को प्रमाण-पत्र प्रदान करने से इनकार कर सकता है और केंद्र सरकार को ऐसे प्रकाशन की सूचना देगा।
केंद्र सरकार, स्वयं या प्रेस रजिस्ट्रार जनरल अथवा किसी अन्य प्राधिकारी से प्राप्त जानकारी के आधार पर, पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने से पहले भारत में प्रतिकृति संस्करण के प्रकाशन के संबंध में संस्था को प्रदान की गई अनुमति को निलंबित या रद्द कर सकती है।
आवधिक प्रकाशन का निलंबन और रद्दीकरण
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आदेश द्वारा किसी आवधिक प्रकाशन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र को तीस दिनों से कम और एक सौ अस्सी दिनों से अधिक की अवधि के लिए निलंबित कर सकता है, यदि
- पंजीकरण गलत प्रस्तुतीकरण या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर प्राप्त किया गया हो;
- प्रकाशक आवधिक प्रकाशन को लगातार प्रकाशित करने में विफल रहा हो। स्पष्टीकरण—संदेह दूर करने के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि कोई आवधिक प्रकाशन कैलेंडर वर्ष में अपने आवेदन के अनुसार प्रकाशित किए जाने वाले अंकों में से आधे से कम अंक प्रकाशित करता है, तो उसे लगातार प्रकाशन करने में विफल माना जाएगा;
- प्रकाशक ने वार्षिक विवरण में गलत विवरण प्रस्तुत किया हो;
- प्रकाशक उस वित्तीय वर्ष की समाप्ति से दो वर्षों के भीतर वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहा हो, जिसके लिए वार्षिक विवरण प्रस्तुत किया जाना था।
यदि आवधिक प्रकाशन का स्वामी निलंबन की अवधि समाप्त होने से पहले उन कमियों को दूर करने में विफल रहता है, जिनके आधार पर पंजीकरण प्रमाण-पत्र निलंबित किया गया था, तो प्रेस रजिस्ट्रार जनरल आवधिक प्रकाशन का पंजीकरण प्रमाण-पत्र रद्द कर सकता है।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल किसी आवधिक प्रकाशन का पंजीकरण प्रमाण-पत्र आदेश द्वारा रद्द कर सकता है, यदि— (क) उसका शीर्षक उसी भाषा में भारत में कहीं भी या उसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी अन्य आवधिक प्रकाशन के स्वामी के पास पहले से मौजूद शीर्षक के समान या मिलता-जुलता हो; या (ख) वह धारा 7 की उप-धारा (3) के अंतर्गत बनाए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता हो।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल किसी आवधिक प्रकाशन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र को रद्द कर सकता है, यदि उसके स्वामी या प्रकाशक को किसी न्यायालय द्वारा ऐसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो— (क) जिसमें आतंकवादी कृत्य या गैरकानूनी गतिविधि शामिल हो; या (ख) राज्य की सुरक्षा के विरुद्ध कोई कृत्य किया गया हो। स्पष्टीकरण—इस खंड के प्रयोजनों के लिए, “आतंकवादी कृत्य” और “गैरकानूनी गतिविधि” अभिव्यक्तियों का वही अर्थ होगा जो क्रमशः गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 2 की उप-धारा (1) के खंड (क) और (ण) में निर्धारित किया गया है।