• विदेशी तकनीकी/वैज्ञानिक/विशिष्ट पत्रिकाएं/जरनल/आवधिकों के भारतीय संस्करणों का प्रकाशन:
  • वैज्ञानिक/तकनीकी/विशिष्टि पत्रिकाएं/जरनल/आवधिकों को प्रकाशित करने वाली भारतीय इकाइयों में विदेशी निवेश।

केन्द्र सरकार ने निम्न अनुमति देने निर्णय लिया है:

  • विदेशी वैज्ञानिक, तकनीकी तथा विशिष्ट पत्रिकाओं/आवधिकों/जरनल के भारतीय संस्करण का प्रकाशन, तथा
  • वैज्ञानिक/तकनीकी तथा विशिष्टन पत्रिकाओं/आवधिकों/जरनल को प्रकाशित करने वाली भारतीय इकाइयों में 100% विदेशी निवेश;
  1. आवेदन (आवेदन प्रपत्र डाउनलोड करें)
    • प्रकाशन की विषय वस्तु की प्रकृति निर्धारित करने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करना होगा।
    • 5000/रू (केवल पांच हजार रूपए) का आवेदन शुल्क ड्राफ्ट के माध्यम से वेतन और लेख अधिकारी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, नई दिल्ली के नाम पर जमा करना होगा ।
  2. कार्रवाई :
    1. अंतरमंत्रालयी परामर्श के पश्चात् सूचना और प्रसारण मंत्रालय,यह निर्णय लेने के उपरान्तं कि क्या प्रस्तावित प्रकाशन वैज्ञानिक, तकनीकी अथवा विशिष्ट पत्रिका/आवधिक/जरनल की श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, आवेदनों पर कार्रवाई करेगा। इस कार्य के लिए संबंधित मंत्रालयों/विशेष निकायों के प्रतिनिधियों तथा भाषा विशेषज्ञों, जैसा भी जरूरी समझा जाएगा, को शामिल किया जाएगा। उचित मामलों में सूचना और प्रसारण मंत्रालय निम्न निर्देश जारी करता है:
      • विदेशी जरनल के प्रकाशन के लिए प्रेस तथा पुस्तक पंजीकरण अधिनियम तथा उनमें दिए गए प्रावधानों के अनुपालन की शर्तों के अधीन अनुमोदन, अथवा
      • विदेशी निवेश के लिए एक अनापत्ति प्रमाणपत्र, जिसकी एक प्रति पी.आर.जी.आई/एस.आई.ए./आर.बी.आई. तथा आवेदक को भेजी जाएगी।
    2. यदि भविष्य में प्रकाशन (नों) की विषयवस्तु में परिवर्तन किया जाता है, तो प्रकाशन (नों) को दी गई श्रेणी निर्धारण की समीक्षा सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा की जा सकती है
    3.  
      • ऐसे मामाले जहां एफ डी आई तथा आई आई निवेश दोनों पर विचार किया जाता है वहां आवेदक सूचना ओर प्रसारण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत समाशोधन के लिए आवेदक एफ आई पी बी/आर बी आई से संपर्क कर सकते हैं।
      • ऐसे मामले जहां केवल पोर्टफोलियो निवेश शामिल है वहां आवेदक सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद आगे के समाशोधन, यदि कोई हो, के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
      • अनापत्ति भेजते समय सूचना और प्रसारण मंत्रालय कम्पनी द्वारा प्रक्षिप्तं एफ डी आई तथा पोर्टफोलियो निवेश में बकाया अनुज्ञेय विदेशी निवेश के बारे में औद्योगिक सहायता सचिवालय एवं भारतीय रिजर्व बैंक को अवगत करवाता रहेगा।
  3. प्रकाशन का शीर्षक
    • विद्यमान प्रक्रिया के अनुसार, शीर्षक सत्यापन प्रेस पंजीयक द्वारा किया जाता रहेगा
  4. विदेशी निवेश
    • 100% तक कुल विदेशी निवेश की अनुमति दी जाए। एफ डी आई तथा पोर्टफोलियो निवेश पर वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देश लागू होंगे।
    • विदेश निवेश वाले सभी मामलों की देखरेख निर्धारित अभिकरणों द्वारा अर्थात् पोर्टफोलियों निवेश भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तथा एफ डी आई पर सरकारी अनुमोदन मार्ग एफ आई बी पी तंत्र द्वारा जाएगी।
समाचापत्रों द्वारा प्रकाशन हेतु संघ-समझौता के लिए दिशा-निर्देश

निम्नि शर्तों के अधीन ऑटोमेटिक अनुमोदित मार्ग के तहत, फोटोग्राफ, कार्टून, क्रासवर्ड पजल्स, विदेशी प्रकाशनों(कंटेंट प्रोवाइडर) से लेख तथा विशेष संदर्भ सहित सामग्री को प्राप्त करने के लिए सभी पंजीकृत समाचारपत्र (भारतीय प्रकाशन) प्रकाशन हेतु संघ समझौता के लिए प्राधिकृत हैं।

  • ऐसी प्राप्त कुल सामग्री तथा भारतीय प्रकाशन के एक अंक में वास्तविक रूप से छपी सामग्री उस अंक को कुल छापई क्षेत्र मे से 20% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • संघ द्वारा प्रकाशित सामग्री में विदेशी प्रकाशन के संपादकीय पृष्ठ की पूरी कॉपी अथवा मुख पृष्ठ शामिल नहीं होते हैं।
  • भारतीय प्रकाशन में विषयवस्तु मुहैया कराने वाले प्रकाशन के मुख शीर्ष का उपयोग नहीं किया गया।
  • भारतीय प्रकाशन में विषयवस्तु मुहैया कराने वाले को श्रेय मुख्य रूप से नाम पंक्ति के रूप में दिया जाता है ।
  • प्रकाशन हेतु संघ समझौता के अंतर्गत प्राप्त की गई सामग्री ऐसी होती है जिसे विषय वस्तु मुहैया कराने वाले प्रकाशन में पहले ही प्रकाशित किया गया होता है।

ऐसा कोई भी मामला जिसमें किसी भी उपरोक्त शर्त में छूट जरूरी है, की जांच सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा की जाएगी तथा उपरोक्त शर्तों के अलावा संघ समझौता के अंतर्गत कोई भी सामग्री वास्तविक रूप से प्राप्त करने से पहले भारतीय प्रकाशन को आवेदन करना होगा तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय से पूर्वानुमति लेनी होगी।

ये दिशा-निर्देश उन मामलों पर लागू नहीं होंगे जहां सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने विदेशी समाचारपत्र के अनुलिपि संस्करण के प्रकाशन के लिए अपना अनुमोदन/अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया हो।