शीर्षकों की स्वीकार्यता के लिए दिशानिर्देश
भारत सरकार
भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल का कार्यालय
(सूचना और प्रसारण मंत्रालय)
पता: 9वीं मंजिल, सूचना भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स,
लोधी रोड, नई दिल्ली -110003
आवधिक प्रकाशनों के पंजीकरण के लिए शीर्षकों की स्वीकार्यता संबंधी दिशानिर्देश
प्रेस और आवधिक प्रकाशन अधिनियम, 2023 की धारा 5(3)(ग) को धारा 2(छ) एवं 2(क्यू) के साथ पठित करते हुए प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल द्वारा भारत में प्रकाशित होने वाले ऐसे आवधिक प्रकाशनों के पंजीकरण के लिए शीर्षकों की स्वीकार्यता और उपलब्धता के संबंध में निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं, जिनमें सार्वजनिक समाचार या सार्वजनिक समाचारों पर टिप्पणियां शामिल हैं।
ये दिशानिर्देश 01.07.2025 से प्रभावी हैं। ये समय-समय पर जारी किए गए पूर्ववर्ती दिशानिर्देशों का अधिक्रमण करते हैं। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन के भाग के रूप में नए शीर्षक प्रस्तावित करने से पहले भारत के प्रेस रजिस्ट्रार जनरल की वेबसाइट (prgi.gov.in) पर उपलब्ध पहले से पंजीकृत शीर्षकों की पूरी सूची देखें। इसके अतिरिक्त, आवेदक प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से अपने आवधिक प्रकाशन के पंजीकरण के लिए आवेदन करते समय निम्नलिखित दिशानिर्देशों को पढ़कर उनका पालन कर सकते हैं।
- प्रस्तावित शीर्षकों में अधिमानतः एक से अधिक शब्द होने चाहिए, जो अलग-अलग और सार्थक शब्दों को मिलाकर बनाए गए हों। सामान्य या मूल शब्द वाले शीर्षक पंजीकृत नहीं किए जाएंगे। सामान्य या मूल शब्द वे शब्द हैं जिन्हें आगे विभाजित नहीं किया जा सकता। इसके कुछ उदाहरण हैं: मंथन, दर्पण, इंस्पायर, सक्सेस, खुलासा, रहस्य, कथा, हेराल्ड, मलार, मुखी, नुक्कड़ आदि।
- प्रस्तावित शीर्षक विशिष्ट होने चाहिए और पूरे भारत में उसी भाषा में या उसी राज्य के भीतर किसी अन्य भाषा में पहले से पंजीकृत किसी भी शीर्षक के ध्वन्यात्मक या दृश्य रूप से समान नहीं होने चाहिए।
- शीर्षक सार्थक और स्पष्ट होने चाहिए। ऐसे शीर्षक जिनमें धार्मिक भावनाओं के प्रति नकारात्मक अर्थ निहित हों, अश्लील, बेतुके या जनभावनाओं के लिए आपत्तिजनक हों, अथवा जिनका दुरुपयोग “अपराध”, “भ्रष्टाचार” आदि जैसे शब्दों के साथ किया जा सकता हो, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- संक्षिप्त रूप, संक्षिप्ताक्षर या अंकों पर तभी विचार किया जाएगा जब उन्हें अन्य शब्दों के साथ सार्थक और उचित रूप से जोड़ा गया हो।
- ऐसे शीर्षक जो पहले से पंजीकृत शीर्षकों को पूर्ण रूप से, आंशिक रूप से, शब्दों को पुनर्व्यवस्थित करके या ऐसे गैर-विशिष्ट शब्द जोड़कर संयोजित करते हैं, जिनसे कोई महत्वपूर्ण रूप से भिन्न शीर्षक निर्मित नहीं होता, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- किसी व्यक्ति के नाम को दर्शाने वाले शीर्षक प्रस्तावित आवधिक प्रकाशन के स्वामी या प्रकाशक के नाम नहीं होने चाहिए। (उदाहरण: "राजन टाइम्स", "दीपक समाचार", "जितेंद्र न्यूज़")।
- ऐसे शीर्षक जिनमें गैर-पाठीय वर्ण या किसी भी प्रकार के चिह्न, प्रतीक, जिनमें गणितीय प्रतीक (जैसे "+", "*", आदि), चित्रलिपि, छायाचित्र, प्रमाण चिह्न, प्रतीक-चिह्न, एकाक्षरी चिह्न, ध्वनि-चिह्न, भावचित्र आदि शामिल हैं।
- किसी मौजूदा शीर्षक के आगे या पीछे सामान्य या दोहराए जाने वाले शब्दों को मामूली रूप से जोड़कर बनाए गए शीर्षक—जैसे शहरों या राज्यों के नाम, प्रकाशन की आवधिकता या भाषा, अथवा पहले से मौजूद शीर्षक में उपपद (ए, एन, द), संबंधसूचक शब्द या विशेषण जोड़ना—स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। (उदाहरण: द टाइम्स, डेली, दैनिक, वीकली, वी/वार्ता, आज, टुडे, एक्सप्रेस, न्यूज़, खबर, समाचार, बुलेटिन, डायरी, इंडिया, नेशनल, राष्ट्रीय, "साप्ताहिक वीकली", "संध्या ईवनिंग", या "डेली दैनिक न्यूज़")।
- यदि प्रस्तावित शीर्षक किसी न्यायिक निर्णय का उल्लंघन करता पाया जाता है, जिसमें कॉपीराइट, ट्रेडमार्क उल्लंघन, न्यायालय की अवमानना और मानहानि से संबंधित मामले शामिल हैं, तो उसे पंजीकृत नहीं किया जाएगा।
- ऐसे शीर्षक जिनमें ऐसे शब्द शामिल हों जिन्हें भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, लोक व्यवस्था, नैतिकता और सार्वजनिक शालीनता को प्रभावित करने वाला, अशांति या अव्यवस्था को भड़काने वाला आदि माना जा सकता हो, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- ऐसे शीर्षक जो किसी राष्ट्रीय प्रतीक, राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के समान हों या केंद्र सरकार/राज्य सरकारों/स्थानीय निकायों/संवैधानिक निकायों/वैधानिक निकायों के साथ भ्रामक संबंध का संकेत देते हों अथवा "प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950" या लागू किसी अन्य कानून का उल्लंघन करते हों, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- ऐसे शीर्षक जिनमें किसी भी भाषा में सरकारी संगठनों/विभागों, विनियामक/प्रवर्तन एजेंसियों (जैसे "पुलिस", "ब्यूरो", "जांच विभाग", "सतर्कता", "अपराध जांच विभाग", "केंद्रीय जांच ब्यूरो", आयोग, रक्षा प्रतिष्ठान आदि), विदेशी सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों (जैसे संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन) के नाम या सरकार, संसद आदि जैसे शब्द हों, अथवा जिन शीर्षकों में केंद्र/राज्य सरकारों या उनके संगठनों अथवा स्थानीय निकायों की जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम शामिल हों और जो उनके साथ भ्रामक संबंध का संकेत देते हों, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- ऐसे शीर्षक जो किसी विदेशी देश, शहर या स्थान के साथ किसी संबंध का संकेत देते हों और जो आवधिक प्रकाशन के प्रकाशन वाले राज्य या स्थान से संबंधित न हों, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे। (उदाहरण: "दक्षिण अफ्रीका टाइम्स", "कनाडा टाइम्स", या "न्यूयॉर्क मिरर")।
- राष्ट्रीय नेताओं के नाम वाले या प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं, सरकार के प्रमुखों तथा केंद्र और राज्य सरकारों के पदाधिकारियों के नामों से मिलते-जुलते शीर्षक पंजीकृत नहीं किए जाएंगे। हालांकि, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य राजनीतिक दलों के नामों पर विचार किया जाएगा, यदि संबंधित संगठन द्वारा आवेदन किया गया हो।
- ऐसे शीर्षक जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ उपग्रह टेलीविजन चैनल/एफएम रेडियो/सामुदायिक रेडियो स्टेशन के रूप में पंजीकृत हैं, तब तक पंजीकृत नहीं किए जाएंगे जब तक आवेदन उनके स्वामी द्वारा या उनकी ओर से उनके प्रतिनिधि द्वारा नहीं किया जाता। (उदाहरण: "न्यूज़ नेशन", "न्यूज़ टाइम", "आजतक न्यूज़", "आकाशवाणी टाइम्स", "दबंग न्यूज़" जैसे शीर्षक ऐसे चैनलों के स्वामियों के अलावा अन्य आवेदकों के लिए पंजीकृत नहीं किए जाएंगे)।
- प्रसिद्ध आवधिक प्रकाशनों के शीर्षकों से मिलते-जुलते शीर्षक, यदि प्रसिद्ध शीर्षक के मौजूदा स्वामी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आवेदन किए गए हों, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे। इसका उद्देश्य प्रसिद्ध आवधिक प्रकाशन के साथ किसी गलत या भ्रामक संबंध की धारणा से बचना है।
- ऐसे शब्दों का उपयोग करने वाले शीर्षक जैसे विज्ञापन या विज्ञापन-पत्र, वर्गीकृत विज्ञापन, निविदा, कैलेंडर, पंचांग, वैवाहिक, येलो पेज (आमतौर पर सफेद, गुलाबी आदि जैसे शब्दों के साथ प्रयुक्त), पर्चा, पुस्तिका, निर्देशिका या ऐसा कोई प्रकाशन जिसे आवधिक प्रकाशन नहीं माना जा सकता, पंजीकृत नहीं किए जाएंगे।
- इन दिशानिर्देशों के बिंदु 3 और 9 से 13 के अंतर्गत निर्दिष्ट श्रेणियों में आने वाले शीर्षक वाले किसी मौजूदा आवधिक प्रकाशन के नए संस्करण के पंजीकरण और स्वामित्व के हस्तांतरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
