- प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 2023
- प्रेस और नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण नियम 2024
- प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्न
11. अधिनियम के अनुसार "प्रकाशन" की प्रक्रिया क्या है?
“प्रकाशित” से किसी कार्य की प्रतियों को जारी करके या जारी करना कारित करके या किसी अन्य रीति में, चाहे किसी मूल्य पर या बिना किसी प्रभार के, लोगों को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अभिप्रेत है और शब्द, “प्रकाशन” का अर्थ इसी के अनुरूप समझा जाएगा।
12. अधिनियम के अंतर्गत "प्रकाशक" कौन होता है?
“प्रकाशक” से किसी नियतकालिक पत्रिका को प्रकाशित करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति अभिप्रेत है।
13. अधिनियम में "मुद्रक" (Printer) की क्या परिभाषा है?
“मुद्रक” से किसी मुद्रण प्रेस का स्वामी या कीपर अभिप्रेत है।
14. अधिनियम के अंतर्गत “कीपर” किसे माना गया है?
कीपर" वह व्यक्ति है जो किसी मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) के दैनिक कार्यों का प्रबंधन करता है, तथा जिसका स्वामी कोई गैर-व्यक्तिगत इकाई, जैसे कि कोई कंपनी, हो।
15. अधिनियम के अंतर्गत नियतकालिक पत्रिकाओं के संदर्भ में “मुद्रण” की क्या परिभाषा है?
"मुद्रण" का अर्थ किसी भी ऐसी प्रौद्योगिकी के माध्यम से किसी आवधिक प्रकाशन की प्रतियों का बड़े पैमाने पर पुनरुत्पादन करना है, जिसमें प्रतियों का सामूहिक उत्पादन शामिल हो, परंतु इसमें फोटोकॉपी शामिल नहीं है।
16. अधिनियम के अंतर्गत “स्वामी” की क्या परिभाषा है?
"स्वामी " वह व्यक्ति, फर्म या कोई अन्य विधिक इकाई है, जिसके स्वामित्व में कोई आवधिक प्रकाशन (Periodical) हो।
17. अधिनियम में “रजिस्टर” की क्या परिभाषा है?
“रजिस्टर” से धारा 5 की उपधारा (3) के खंड (ख) के अधीन रखा गया नियतकालिक पत्रिकाओं का रजिस्टर अभिप्रेत है।
18. अधिनियम के अनुसार “विनिर्दिष्ट प्राधिकारी” कौन होता है?
विनिर्दिष्ट प्राधिकारी” से जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर या ऐसा अन्य अधिकारी अभिप्रेत है, जिसे अधिसूचना द्वारा राज्य सरकार या संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन विनिर्दिष्ट करे।
19. अधिनियम के अंतर्गत आवधिक प्रकाशन के संदर्भ में “शीर्षक” का क्या अर्थ है?
किसी नियतकालिक पत्रिका के संबंध में “नाम” से प्रेस महारजिस्ट्रार द्वारा यथा सत्यापित ऐसी नियतकालिक पत्रिका का नाम अभिप्रेत है, जो कि प्रमुख और सुपाठ्य रूप से मुख्य शीर्षक के रूप में उस नियतकालिक पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर मुद्रित किया जाएगा, जिसके द्वारा वह जानी या पहचानी जाएगी।
20. प्रेस एवं नियतकालिक पत्रिका रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2023 की धारा 7 के अंतर्गत किसी नियतकालिक पत्रिका के पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया प्रकाशक कैसे प्रारंभ कर सकता है?
कोई भी प्रकाशक जो नियतकालिक पत्रिका प्रारंभ करना चाहता है, उसे प्रेस सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ विनिर्दिष्ट दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है तथा ₹1,000 (एक हजार रुपये) का प्रोसेसिंग शुल्क निर्धारित भुगतान माध्यमों के द्वारा भारत कोष में जमा करना होगा। इसके अतिरिक्त, आवेदन करते समय प्रेस महारजिस्ट्रार द्वारा जारी ‘शीर्षक आवंटन’ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।
11. भारत में किसी विदेशी नियतकालिक पत्रिका के ‘प्रतिरूप संस्करण’ के प्रकाशन हेतु अनुमोदन प्राप्त करने के लिए कोई भारतीय इकाई किस प्रकार आवेदन कर सकती है?
भारत में किसी विदेशी नियतकालिक पत्रिका के प्रतिरूप संस्करण के प्रकाशन हेतु अनुमोदन प्राप्त करने के लिए भारतीय इकाई को केंद्र सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने के निमित्त राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर आवेदन करना होगा। यह आवेदन इस प्रयोजन हेतु सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए दिशानिर्देशों के अनुरूप होना चाहिए, जो राष्ट्रीय एकल खिड़की प्रणाली पर उपलब्ध हैं।
12. प्रतिरूप संस्करण के प्रकाशन हेतु अनुमोदन प्राप्त होने के पश्चात भारतीय इकाई द्वारा कौन-कौन से कदम उठाए जाने की आवश्यकता होती है?
अनुमोदन प्राप्त होने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर भारतीय इकाई को रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने हेतु प्रेस सेवा पोर्टल पर प्रेस महापंजीयक को आवेदन करना होगा। यह आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल पर विनिर्दिष्ट दस्तावेजों सहित प्रस्तुत किया जाएगा तथा विहित भुगतान विधियों के अनुसार भारत कोष में दस हजार रुपये (10,000 रु0) का शुल्क जमा करना होगा।
13. रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन का निस्तारण प्रेस महापंजीयक द्वारा किस प्रकार किया जाता है?
प्रेस महापंजीयक द्वारा आवेदन के निस्तारण के दौरान आवेदन में दिए गए विवरणों की शुद्धता एवं पूर्णता का परीक्षण किया जाता है। इसके अतिरिक्त, आवेदक से प्राप्त अतिरिक्त जानकारी अथवा प्रेस सेवा पोर्टल पर मंत्रालय से प्राप्त टिप्पणियों पर भी विचार किया जाता है। यदि आवेदन सभी अपेक्षित आवश्यकताओं को पूरा करता है, तो प्रेस महापंजीयक भारत में प्रतिरूप संस्करण के प्रकाशन हेतु रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र जारी करता है।
14. आवेदक भारत में प्रतिरूप संस्करण का प्रकाशन कब प्रारंभ कर सकता है?
आवेदक भारत में प्रतिरूप संस्करण का प्रकाशन केवल उप-नियम (5) के अनुसार प्रेस महापंजीयक द्वारा रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाने के पश्चात ही प्रारंभ कर सकता है।
15. यदि कोई आवेदक रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त करने से पहले ही प्रकाशन प्रारंभ कर देता है, तो क्या होगा?
यदि कोई आवेदक रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना प्रकाशन प्रारंभ कर देता है, तो प्रेस महापंजीयक रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र प्रदान करने से इंकार कर सकता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे अनधिकृत प्रकाशन के संबंध में मंत्रालय को सूचित किया जा सकता है तथा उक्त प्रकाशन को निलंबित अथवा निरस्त किया जा सकता है।
16. इन नियमों के अनुसार ‘केंद्रीय संचार ब्यूरो’ क्या है?
‘केंद्रीय संचार ब्यूरो’ केंद्र सरकार का एक संबद्ध कार्यालय है, जो सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों से संबंधित सूचना का प्रसार विभिन्न संचार माध्यमों, जैसे—श्रव्य-दृश्य, मुद्रित, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, प्रदर्शनी तथा बाह्य प्रचार गतिविधियों से करने के लिए उत्तरदायी है।
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